dard bhari shayari in hindi, dard bhari shayari image
बहला रहे है खुद को
जरा इन कागजो के साथ
हम बहुत हसते थे पर,
जिंदगी ने आज रोना सिखा दिया
उसके साथ बैठना अच्छा लगता था,
आज अकेला रहना सिखा दिया
बात करना का शौक बहुत था पर,
जिंदगी ने चुप रहना सिखा दिया
माना की औरों के मुकाबले
कुछ ज़्यदा नही पाया हमने
खुश है की खुद गिरते सभालते रहे
लेकिन किसी को गिराया नही हमने
जरा सी जिंदगी है अरमान बहुत है,
हमदर्द नही कोई इंसान बहुत है,
दिल के दर्द सुनाए तो किसको
जो दिल के करीब है वो अनजान
बहुत है
हमने जिस दिये को अक्सर
तूफ़ान से बचाया है
उसी ने आज मेरे
आसियानों को जलाया है
हर कोई मुझे जिंदगी जिने का
तरीका बताता है
उन्हे कैसे समझाऊ कुछ ख्वाब
अधूरे है वरना जिंदगी मुझे भी
जीना आता है
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